
(खास खबर) तरन तारन में दबंगई: हथियारों से लैस बदमाशों ने पूर्व फौजी काला सिंह की साढ़े पांच मरले की हवेली में की जमकर तोड़फोड़।
बड़ी साजिश: सबूत मिटाने के लिए तोड़े सीसीटीवी (CCTV) कैमरे, डीवीआर (DVR) लेकर फरार हुए आरोपी। पुलिस की सुस्ती: उच्च अधिकारियों की मार्क की हुई शिकायत पर भी झबाल थाना पुलिस मौन, पीड़ित परिवार खौफ के साए में।
विस्तृत खबर। तरन तारन (पंजाब): देश के लिए अपनी जान दांव पर लगाने वाले जांबाजों के साथ आज पंजाब के तरन तारन में जो हो रहा है, वह कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। मामला जिला तरन तारन के गांव पंजवड़ खुर्द का है, जहां 1971 के भारत-पाकिस्तान (बांग्लादेश) युद्ध के नायक, 77 वर्षीय पूर्व फौजी काला सिंह की संपत्ति पर कुछ भू-माफिया और दबंगों द्वारा जबरन कब्जा करने का मामला सामने आया है।
घटना का मुख्य विवरण: पीड़ित पूर्व फौजी काला सिंह ने एसएसपी तरन तारन और थाना झबाल के एसएचओ को लिखित शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है। शिकायत के मुताबिक, सुरजीत कौर, रशपाल सिंह, मनप्रीत उर्फ मन्नी, गुरमीत सिंह, रणवीर सिंह और सुखबीर सिंह उर्फ सुक्खा ने अपने 10-15 अज्ञात हथियारबंद साथियों के साथ मिलकर पीड़ित की साढ़े पांच मरले की हवेली पर हमला बोल दिया।
हमले और तोड़फोड़ के मुख्य बिंदु: हथियारों से लैस हमलावर: आरोपी हाथों में कृपाण (तलवार), गंडासे और जानलेवा हथियार लेकर पूर्व फौजी की हवेली में जबरन दाखिल हुए।
सबूत मिटाने की कोशिश: आरोपियों ने सबसे पहले हवेली में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए और सबूत मिटाने की नीयत से डीवीआर (DVR) चोरी करके ले गए।
हजारों का नुकसान: दबंगों ने हवेली का गेट और दीवार तोड़ दी, पशुओं का चबूतरा व ट्यूबर (नल) उखाड़ दिया और करीब 20 हजार रुपये का भूसा (चारा) और पेड़ नष्ट कर दिए।
परिवार को बनाया बंधक: पीड़ित का आरोप है कि आरोपी दो दिन तक उनके घर के बाहर नंगी तलवारें लेकर घूमते रहे, जिससे परिवार घर के अंदर ही बंधक बना रहा।
जमीन का पुराना विवाद और धोखाधड़ी के आरोप: पूर्व फौजी काला सिंह का कहना है कि यह हवेली उन्होंने अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई से 1973-1974 में खरीदी थी, जिस पर 1993 से उनका वैध कब्जा है। आरोपियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पीड़ित ने बताया कि सुरजीत कौर ने उनसे 2 कनाल जमीन के पूरे पैसे ले लिए हैं, लेकिन अब उसकी रजिस्ट्री नहीं कर रही है।
पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल: सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़ित फौजी पहले भी उच्च अधिकारियों को इसकी शिकायत दे चुका है। उच्च अधिकारियों ने शिकायत मार्क (Forward) करके थाना झबाल भेज दी थी, लेकिन पुलिस ने अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की है, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं।
[एंकर क्लोजिंग / कॉल टू एक्शन] “77 साल के बुजुर्ग देशसेवक, जिन्होंने सीमा पर देश की रक्षा की, आज अपने ही देश में अपनी जमीन और जान की भीख मांग रहे हैं। पीड़ित ने साफ कहा है कि यदि उनके या उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी जिम्मेदार पुलिस और ये दबंग होंगे। National Bharat 24 News प्रशासन से मांग करता है कि इस मामले में तुरंत संज्ञान लिया जाए और पूर्व फौजी को सुरक्षा व न्याय दिया जाए।”



